तराना। मां अहिल्या की नगरी तराना में विश्वकर्मा जयंती का पर्व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया विश्वकर्मा जयंती हिंदू धर्म में एक विशेष पर्व के रूप में मनाई जाती है, जिसे निर्माण और सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा को समर्पित किया जाता है। भगवान विश्वकर्मा को श्विश्व का शिल्पीश् और दैविक वास्तुकारश् के रूप में जाना जाता है। उनका उल्लेख वेदों और पुराणों में मिलता है, जहां उन्हें अद्भुत रचनाकार के रूप में दर्शाया गया है। कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए दिव्य भवन, अस्त्र-शस्त्र, और विमानों का निर्माण किया। उनके द्वारा निर्मित स्वर्ग, पुष्पक विमान, और भगवान शिव का त्रिशूल जैसे कई उदाहरण है।
समाजज़नों ने धूमधाम से मनाया पर्व
तराना नगर मे प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी समाजजनों ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर समाजजनों ने स्वर्णकार सोनी धर्मशाला मे विश्वकर्मा जयंती के 1 दिन पूर्व 16 सितंबर को विश्वकर्मापुराण का आयोजन कथा वाचक अनिल विश्वकर्मा के मुखारविंद से किया गया वही 17 सितंबर को सामूहिक रुप से भगवान श्री विश्वकर्मा का पूजन अर्चन किया गया एवं नगर मे चल समारोह निकाला गया चल समारोह मे भगवान विश्वकर्मा की सुसज्जित आकर्षक झांकी बैंड एवं ढ़ोल धमाको के साथ निकाली गईं चल समारोह सोनी धर्मशाला से प्रारभ होकर नगर के प्रमुख मार्गाे से होता हुआ निकाला गया चल समारोह का नगर मे चौराहा चौराहा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत सम्मान किया गया समापन अवसर पर महाआरती एवं महाप्रसादी का आयोजन किया गया।