रतलाम। अनंत चतुर्दशी की रात झिलमिलाती झांकियों से रोशन हो उठी। दोपहर में गणपति बप्पा को धूमधाम से विदाई तो रात होते ही रोशनी से सारोबार सुसज्जित झांकियों का कारवां शहर की सड़कों पर निकला। झांकियों के आगे अखाड़ों के कलाकार हैरत अंगेज करतब दिखाते हुए शामिल हुए। झांकियों को निहारने व अखाड़ों के कलाकारों के उत्साहवर्धन के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे।
रतलाम के जवाहर व्यायाम शाला एवं अंबर ग्रुप द्वारा पिछले 38 वर्षों से लगातार धार्मिक व ऐतिहासिक परपंरा कायम रखते हुए इस वर्ष भी हारे का सहारा बाबा श्याम हमारे झांकी निकाली। झांकियों का निर्माण तीन भाग में था। प्रथम भाग में भगवान श्री कृष्ण को अपना शीश अर्पण करते हुए महादानी खाटूश्याम भगवान को दर्शाया गया है। दूसरे दृश्य में महाभारत युद्ध की सार्थकता एवं अंतिम दृश्य में भगवान खाटूश्याम का दरबार दिखा। जो कि आकर्षण का केंद्र रहा। झांकी के आगे व्यायाम शाला के कलाकार करतब दिखाते हुए चल रहे थे। मलखंभ व क्रेन पर बंधी रस्सी के ऊपर चढ़कर बाल कलाकारों ने भी करतब दिखाए।
पैलेस रोड स्थित श्री नित्यचिंताहरण गणेश मंदिर द्वारा निकाली गई झांकी में केदारनाथ धाम के दर्शन हुए। शिवाजी विराट ग्रुप माली कुआं द्वारा गरुण जी द्वारा नाग फांस काटते हुए झांकी का चित्रण किया। नागेश्वर हिंद व्यायाम शाला कृष्ण राधा का होली खेलते हुए का दृश्य दिखाया। नवनिर्माण हिंद व्यायाम शाला विशालकाय हनुमान जी की मूर्ति के साथ आकर्षक झांकी चल समारोह के साथ शामिल की।
झांकियों का कारवां रात 10 बजे तक सड़क पर आया। झांकी का एक छोर गणेश देवरी पर था तो अंतिम शहरसराय पर। जगह-जगह मंच बनाकर अखाड़ों के खलिफाओं व पहलवानों का साफा पहनाकर व शील्ड व गदा देकर सम्मान किया गया। रात 3 बजे तक झांकियों का कारवां का पहला छोर चांदनीचौक पहुंचा तो अंतिम धानमंडी में था। शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण झांकियों को देखने आए।