नीमच। शहर में अनंत चतुर्दशी का पर्व बड़े ही हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। यहां परंपरा अनुसार आकर्षक सुंदर झांकियां का कारवां रातभर देखने को मिला। नीमच के बारादरी चौराहा से प्रारंभ हुआ। झांकियां का कारवां शहर के फव्वारा चौक, कमल चौक, टैगोर मार्ग होता हुआ पुस्तक बाजार और शहर के प्रमुख मार्गों से होकर विसर्जन स्थल के लिए रवाना हुआ। इन झांकियां को देखने के लिए नीमच शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण इलाकों और पड़ोसी राज्य राजस्थान के प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिले के लोग भी बड़ी संख्या में परिजनों के साथ पहुंचे।
वहीं झांकियां के साथ अखाड़े के कलाकारों ने भी हैरत अंग्रेज करतब दिखाए। झिलमिलाती झांकियां की रोशनी के बीच अखाड़े के कलाकारों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर कई कर्तव्य दिखाएं जिन्हें देखकर लोग दांतों तले उंगलियां दबाते हुए नजर आए। वहीं डोर और लेजम की थाप पर युवा घूमते तो कहीं डीजे की धुन पर नाचते युवा झांकी के कारवां में नजर आए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुरक्षा के मध्य नजर पुलिस के द्वारा होता इंतजाम देखने को मिले करवा के साथ व सभी चौक चौराहा पर पुलिस के द्वारा पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई।
शहर में रात भर झांकियों का कारवां निकाला। झांकियों का कारवां ढोल-ढमाकों और डीजे सहित तीन अखाड़ों के साथ अपने-अपने स्थानों से शुरू हुआ। सबसे आगे माधोपुरी बालाजी की झांकी व बजरंग व्यायाम शाला का अखाड़ा था। इसके पीछे पंचमुखी बालाजी, प्रायवेट बस स्टैंड, रोडवेज बस स्टैंड, सांवरिया सेठ मंदिर, गुप्तेश्वर महादेव, शंभु व्यायाम शाला का अंखाड़ा व अन्य झांकियां जुड़ती गई। रात भर चला झांकियों का कारवां शहर के प्रमुख मार्गों से होकर अल सुबह विसर्जन स्थल के लिए रवाना हुआ।