मंदसौर। हमें मनुष्य जीवन विषय वासना व भौतिक सुख सुविधाओं में बर्बाद करने के लिए नहीं मिला है। हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है, यह हमें ही तय करना है। मानव जीवन का सबसे प्रमुख लक्ष्य आत्म सुख अर्थात मोक्ष को प्राप्त करना भी होना चाहिए और मोक्ष प्राप्ति के लक्ष्य के लिए जो भी आवश्यक हो, वह करना ही चाहिए।
उक्त वचन जैन साध्वी चंदनाश्रीजी ने नई आबादी शास्त्री कॉलोनी स्थित जैन दिवाकर स्वाध्याय भवन में आयोजित धर्मसभा में कहे। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में हमारा लक्ष्य भौतिक साधनों, धन संपत्ति अर्जित करने का नहीं होना चाहिए क्योंकि यह पदार्थ नश्वर है, ये सदैव आपके साथ रहने वाले नहीं है। मृत्यु के बाद भौतिक साधन, धन संपत्ति इस पृथ्वी पर रह जाती है। इसलिए मनुष्य जीवन में भौतिक पदार्थों के प्रति आसक्ति छोड़ों तथा मोक्ष प्राप्ति की कामना रखो।
साध्वी ने अर्जुन माली का वृतान्त बताते हुए कहा कि अर्जुन माली ने कई हत्याएं की लेकिन जब उन्हें प्रभु महावीर का सानिध्य मिला तो उसने संयम ले लिया और अपने तप बल पर मृत्यु के बाद मोक्ष पाया। जब अर्जुन जैसे पापी की आत्मा मोक्ष पा सकते हैं तो हम क्यों नहीं, विचार करें। हमारे जीवन का लक्ष्य क्या हो यह हमें विचार करना है। भौतिक पदार्थों के प्रति हमारी जो आसक्ति कई जन्मों से चली आ रही है उसे समाप्त करना है तभी हम मोक्ष को प्राप्त कर पाएंगे।