BREAKING NEWS
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : राजस्व विवादों के समाधान के लिए जावद में.. <<     KHABAR : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह की अफसरों को.. <<     VIDEO NEWS: यात्रियों की जान से खिलवाड़! नीमच में नशे.. <<     BIG REPORT : पेपर लीक के बाद हाई अलर्ट, नीमच में.. <<     मंदसौर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, कड़ी सुरक्षा.. <<     KHABAR : देवरी खवासा में उत्साहपूर्वक मनाया गया.. <<     कसरावद में 1 से 8 मोहर्रम तक 'शहादत नामा',.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले में भयानक सड़क हादसा, नयागांव.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : हिमालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुआ.. <<     KHABAR : खरगोन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुआ.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले का ग्राम रायसिंहपुरा और बिहारी.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : विश्व योग दिवस पर नयागांव स्कूल में.. <<     खजुराहो में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर.. <<     BIG NEWS : अफसर से पटवारी बोले-मेरा वेयरहाउस खाली.. <<     KHABAR : प्रधानमंत्री आवास योजना के 39.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : सड़क नहीं तो वोट नहीं, विधायक सकलेचा के.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 20, 2024, 11:34 am
BIG NEWS : अंतिम संस्कार के लिए भी मुश्किल डगर, नदी पार कर जाना पड़ता हैं शमशान, जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया, लेकिन कोई निराकरण नहीं निकला, क्या है पूरा मामला, पढ़े बद्रीलाल गुर्जर की खबर 

Share On:-

मनासा। तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पिपलिया हाड़ी के डेरा नंबर 1 से शमशान घाट तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं बन सका है। जिसके कारण अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।गौरतलब है कि ग्राम पंचायत पिपलिया हाड़ी में डेरा नम्बर 1 के ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए सालो पहले पंचायत द्वारा शासकीय भूमि पर श्मशान घाट का निर्माण तो करा दिया गया था, परंतु शमशान तक रास्ता नहीं बन सका। जिसके कारण लोगों को परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परेशानी उस समय ज्यादा बढ़ जाती है जब खेतों में फसल लगी हो या फिर बरसात का मौसम हो, लोगो को नदी पार कर श्मशान घाट जाना पड़ता है। शमशान तक रास्ता बनाए जाने के लिए ग्रामीण कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक रास्ता नहीं बन सका है। गांव के पास बने मुक्तिधाम पर अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए जाने वाले लोगों को नदी और झाड़ियों के बीच काफी संभलकर निकलना पड़ता है, क्योंकि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को वेस्टवेयर और नदी से होकर निकलना पड़ता है। कई बार तो अर्थी ले जाने वाले लोगों के फिसलने के कारण अर्थी के गिरने की स्थिति तक बन जाती है। रास्ते में अर्थी न गिरे इसके लिए अर्थी के आसपास लोगों को ध्यान रखने के लिए चलना पड़ता हैं। मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए ग्रामीण सर्दी व गर्मी के मौसम में जैसे-तैसे निकल जाते हैं परंतु बरसात के मौसम में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है, क्योंकि बरसात के मौसम में खेतों में और नदी में पानी भरा होने के कारण लोगों का मेड़ों पर चलना मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में लोगों को खेतों से होकर नदी के पानी के बीच से होकर निकलना पड़ता है, क्योंकि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए इसके अलावा दूसरा रास्ता नहीं है। 
बीते बुधवार को पिपलिया हाड़ी के डेरा नंबर 1 से विजयसिंह पिता छगनलाल मालवीय की शव यात्रा नदी से होकर निकली जिसके बाद ग्रामीणों ने रास्ते की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE