चीताखेड़ा। जीरन तहसील की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत चीताखेड़ा है। इस पंचायत में 20 वार्ड है और गांव की जनसंख्या अनुमानित साढ़े आठ से नौ हजार से है। इस गांव में पुराना हायर सेकेण्डरी का एक मात्र खेलकूद का मैदान है। इस मैदान को खेलकूद लायक बनाने लायक क्रिकेट प्रेमियों द्वारा ही चंदा एकत्रित कर रखरखाव किया जाता रहा है। पंचायत ने कभी इस ओर खिलाड़ियों को प्रोत्साहन करने हेतु कभी खिलाड़ियों के हित में कदम तक नहीं उठाया।
उल्लेखनीय है कि आज यह मैदान कांटेदार झाड़ियों, गाजर घास से लबरेज हो रहा है। रात होते ही इस मैदान को शराबियों द्वारा मयखाना तो शरारतियों द्वारा शरारती का अड्डा तो सुबह-शाम सार्वजनिक खुल्ले में शोच करने वालों ने खुला शोचालय बना दिया जाता है। खेल मैदान पर कभी शरारतियों का अड्डा तो कभी मयखाना बन जाता है। परन्तु कभी पंचायत ने खिलाड़ियों का मनोबल नहीं बढ़ाया। आज इस मैदान पर बड़ी-बड़ी गाजर घास, कांटेदार झाड़ियों से सरोबार हो रहा है।
ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच राकेश जावरिया द्वारा इस मैदान की सुध ली थी। यहां खिलाड़ियों के लिए एक सूंदर मैदान तैयार किया था। लेकिन समय बीतता गया और यह खेल मैदान फिर से इसकी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा हैं।
क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियो का कहना हैं कि जब भी हम मैदान पर पहुँचते हैं तो मैदान में चहुंओर गन्दगी फैली रहती हैं। मैदान के पिच पर शराब के क्वार्टर पड़े रहते हैं। बड़ी मुश्किल से सफाई कर हम लोग हमारा खेल प्रारम्भ करते हैं। गांव में एकमात्र खेल मैदान हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन इसका तनिक भी रखरखाव नहीं कर सकता।