मनासा। मंदिरों की नगरी मनासा में लगभग पैंतीस साल बाद पुनः स्थानीय कलाकारों द्वारा शारदीय नवरात्रा महापर्व पर भव्य रामलीला मंचन प्रारंभ हुआ, यह अब अनवरत जारी है। इस साल यह दुसरे वर्ष में प्रवेश कर रही है।
यह रामलीला रामायण की चौपाइयों पर आधारित है, और दृश्य एवं संवाद बहुत ही शानदार है, हर संवाद पर दर्शक वाह वाह कर उठते हैं, और तालियां बजाते हैं।
यह रामलीला नगर के हृदय स्थल भगवान नगर नायक श्री बद्रीनारायण मंदिर के सामने विशाल मंच पर आयोजित होती है।
रामलीला में काम करने वाले सभी कलाकार नगर के विख्यात प्रख्यात व्यवसायी व्यापारी पुजारी धार्मिक सामाजिक बंधु है, जो लगभग डेढ़ महीने प्रतिदिन रिहर्सल करते हैं, और रामलीला की तैयारियां करते हैं। रामलीला के संरक्षक मंडल एवं मंडल अध्यक्ष एवं उनके साथी लगभग तीन महीने पुर्व से ही प्रारंभिक तैयारियां प्रारंभ कर देते हैं।
साथ ही मनासा नगर के साथ ही ग्राम अल्हेड़ के भी बंधुओं का रामलीला में तत्परता से सहयोग मिल रहा है। ये सभी पुरी निष्ठा से मनासा के धर्मप्रेमी बंधुओं के साथ रामलीला के भव्य मंचन हेतु दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
रामलीला मनासा नगर के बंधुओं के हृदय में विराजमान हैं, पुर्व की रामलीला में कार्य कर चुके कलाकारों को आज भी लोग उनके नाम से कम और अभिनीत पात्र के नाम से जानते हैं। रामलीला देखने हेतु दर्शकों ने भी लीला स्थल के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, लीला स्थल पर पांव रखने की भी जगह नहीं बचती है।
प्रतिदिन नये नये दृश्य व संवाद देखकर उपस्थित जनसमुदाय तालियां बजाकर ओर जय सियाराम के व हर हर महादेव के जयघोष से गगन गुंजायमान कर देते हैं।
रामलीला मंडल की सबसे बड़ी खासियत यह कि इससे जुड़े सभी बंधु आपस में मित्रवत रहते हैं, न कोई बड़ा न कोई छोटा, सब राम जी के काज में लगे हुए हैं।
आधुनिक समय के साथ ही रामलीला का मंचन युट्युब पर भी लाईव होता है, जिससे अन्यत्र भी सभी ईसका आनंद लेते हैं।
रामलीला का भव्य मंचन आगामी शारदीय नवरात्रा महापर्व पर 3 अंक्टोंबर से प्रारंभ हो जाएगा।