चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ पर पंच दिवसीय दीपोत्सव पूरी श्रृद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। धनतेरस पर कुबेर पोटली की वैदिक मंत्रोच्चार से सिद्ध कर स्थापना की गई। जिसका दीपवाली पर्व पर सभी पंजीकृत भक्तों में वितरण किया गया। कार्तिक कृष्णा चतुर्दशी गुरुवार को ठाकुरजी की संध्या महाआरती के बाद वेदपीठ परिसर में वैभव पूजन किया गया।
इस दौरान ठाकुरजी के आकर्षक रथ सहित कल्याण भक्तों के सैकड़ों दोपहिया व चौपहिया वाहनों का वेदपीठ के आचार्याे एवं बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक पूजन किया गया। कार्तिक कृष्णा अमावस्या को प्रकाश पर्व दीपोत्सव वेदपीठ पर उत्साह के साथ मनाया गया। वेदपीठ परिसर में महालक्ष्मी पूजन शुभ महूर्त में करने के साथ ही नगर के व्यवसायिक एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के यहां वेदपीठ के आचार्याे एवं बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महालक्ष्मी पूजन करते हुए कल्याणनगरी और देश-प्रदेश में सर्वत्र खुशहाली की मंगल कामना की। वहीं ठाकुरजी को श्रीराम स्वरूप में सुसज्जित कर कल्याण नगरी को अयोध्या निरूपित करने का सार्थक प्रयास किया गया। ठाकुर जी की मनोहारी झांकी देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। वहीं सतरंगी रोशनी से वेदपीठ को सजाया गया, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। पंच दिवसीय दीपोत्सव का आयोजन पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ द्विगुणित करते हुए कल्याणनगरी को दीपोत्सव के उपलक्ष्य में जगमग रोशनी के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।
विष्णु सहस्र नाम की आहुति हवन एवं श्री सूक्त पाठ अनुष्ठान प्रारंभ-
वेदपीठ के आचार्यों एवं बटुकों द्वारा कार्तिक शुक्ला प्रतिपदा से विष्णु सहस्र नाम की आहुति का हवन एवं साथ ही श्री सूक्त पाठ प्रारंभ किए गए। पाठ एवं हवन देव प्रबोधनी एकादशी 12 नवंबर तक प्रतिदिन श्री कल्लाजी मंदिर के बटुकों द्वारा किए जाएंगे। मंदिर के आचार्य ने बताया कि पाठ का उद्देश्य सर्वस्व कल्याण के साथ ही सभी सुखी आरोग्य रहे इस हेतु अनुष्ठान को किया जा रहा हैं।
गौशाला में की गोवर्धन पूजा-
शनिवार को कल्याण लोक स्थित कल्याण गौशाला में कल्याण भक्तों एवं ग्रामीणों ने गौमाता की सेवा पूजा के साथ ही भगवान गोवर्धननाथ की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की। गौशाला परिसर में विराजित भगवान श्री कृष्ण की पूजा कर गायों को लापसी, गुड़ एवं हरे चारे का भोग लगाया। वैदिक विधि विधान से अभिजीत महूर्त में गोवर्धन नाथ की पूजा अर्चना की गई। साथ ही गौशाला में विराजित गौमाता की पूजा की गई। इसके बाद आरती कर गौ माता को लापसी एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया। भोग में कल्याण गौशाला में गायों के लिए 11 क्विंटल हरा चारा, 5 क्विंटल लापसी एवं 51 किलो लड्डू का भोग लगाया। साथ ही श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय परिसर में नवीन नक्षत्र वाटिका में प्रथम बार आयुर्वेद के जनक धन्वन्तरी को प्रिय एकादश सुदर्शन के पौधे स्थापित किए गए। वहीं इस दीपोत्सव पर कल्लाजी मंदिर पर प्रदेश एवं नगर में पहली बार पूजित कुबैर पोटली भी वितरित की गई।
देव प्रबोधनी एकादशी को भव्य अन्नकूट महोत्सव-
वेदपीठ की परंपरा अनुसार इस वर्ष देव प्रबोधनी एकादशी यानि 12 नवंबर को कल्याण नगरी के राजाधिराज ठाकुरजी के मनभावन श्रृंगार के साथ ही 56 भोग एवं महा अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। जिसकी व्यापक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। वेदपीठ के पदाधिकारियों ने बताया कि देवोत्थापन एकादशी को संध्या वेला में ठाकुरजी की महाआरती के पश्चात अन्नकूट महोत्सव की महाप्रसादी की जाएगी।