चित्तौड़गढ़। बोजुन्दा पॉलिटेक्निक कॉलेज में स्थित श्री कालभैरव (श्री काला जी बावजी) देव स्थल पर कालभैरव जन्मदिवस 23 नवंबर, अष्टमी के अवसर पर हवन, पूजन, अनुष्ठान, कलश शोभायात्रा, भजन संध्या व प्रसादी का आयोजन होगा।
यह जानकारी देते हुए पुजारी बाबूलाल जटिया सतखंडा ने बताया कि श्री काल भैरव अष्टमी के उपलक्ष्य में 22 नवम्बर को रात्रि जागरण होगा। मुख्य कार्यक्रम 23 नवंबर, अष्टमी के अवसर पर प्रातः हवन, पूजन, अनुष्ठान, कलश शोभायात्रा, दोपहर में भजन संध्या व प्रसादी का आयोजन होगा। जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा जिसकी तैयारियां की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बोजुन्दा में स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में अति प्राचीन श्री काल भैरव ( श्री काला बावजी) मंदिर अति प्राचीन और चमत्कारिक देवस्थल है। यहां प्रत्येक शनिवार को बावजी की गादी लगती है, और माह की प्रत्येक अष्टमी को श्री कालिका माता जी की महाआरती की जाती है।
उल्लेखनीय है कि अति प्राचीन इस धर्म स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का वर्ष भर आवागमन रहता है।
मान्यता है कि यहां श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है, और दैहिक, दैविक, भौतिक कष्टों से मुक्ति भी मिलती है।
यहां आने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले के आसपास ही नहीं, बल्कि राजस्थान सहित मुंबई, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों से यहां श्रद्धालु आते हैं और अपनी मनोकामना की पूर्ति पर धन्य होते हैं।