नीमच । शहर के दशहरा मैदान में 9 दिवसीय भैरव भक्ति महोत्सव का आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है। कल 15 नवंबर से भैरव महापुराण कथा और कष्ट हरण महायज्ञ के साथ ही सनातन सर्वधर्म भैरव महामहोत्सव आरंभ हो जाएगा, जिसमें 23 नवंबर तक जार रहेगा। राष्ट्रीय संत श्री वसंत विजयजी के सानिध्य में होने वाले इस वृहद भैरव भक्ति महोत्सव में नीमच कीर्तिमान रचेगाऔर वर्ल्ड रिकार्ड बनाने 84 हजार वर्गफीट में आध्यात्मिक रंगोली बनाई जाएगी।
कार्यक्रम संयोजक व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश पप्पू जैन ने बताया कि अखिल भारतीय बटुक भैरव भक्त मंडल कृष्णागिरी(शाखा नीमच) द्वारा सामाजिक समरसता सनातनसर्वधर्म भैरव भक्ति महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो 15 नवंबर से आरंभ हो जाएगा। इस दौरान कृष्णागिरी पीठाधीश्वर राष्ट्रीय संत श्री वसंत विजयजी महाराज के मुखारविंद से श्री भैरव महापुराण कथा होगी। साथ ही कष्ट हरण भैरव महायज्ञ भी होगा। 9 दिवसीय आयोजन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है।
गुरूदेव का नीमच में हो चुका है आगमन-
कार्यक्रम संयोजक श्री जैन ने बताया कि आयोजन के मद्देनजर महोत्सव के तीन दिन पूर्व 12 नवंबर को गुरूदेव श्री वसंत विजयजी का 12 नवंबर को नीमच की धारा पर आगमन हो चुका है और गुरूदेव आयोजन स्थल का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा ले चुके हैं। साथ ही आयोजन समिति से जुड़े सदस्य गांव-गांव पहुंच कर कार्यक्रम के प्रचार में जुटे हुए हैं। श्री जैन ने बताया कि भैरव भक्ति महोत्सव में पूरे 9 दिनों तक विशेष साधना, भैरव पुराण कथा, भैरव कष्ट हरण महायज्ञ और भक्तों के लिए भंडारा प्रसादी का आयोजन होगा। इस दौरान किसी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यज्ञ की विशेषता यह रहेगी कि अष्टकुंड यज्ञ होगा, जिसमें एक कुंड पर 11 व शेष 7 कुंड में 5-5 पंडित कुल 46 विद्वान पंडित लगातार 9 दिनों तक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां देंगे और भैरव यज्ञ करेंगे।
विशाल रंगोली बनाकर बनाएंगे विश्व रिकार्ड
कार्यक्रम संयोजक व पूर्व नपाध्यक्ष राकेश पप्पू जैन ने बताया कि भैरव भक्ति महोत्सव के अंतर्गत शहर के डॉ. राजेंद्रप्रसाद स्टेडियम में 18 से 22 नवंबर के दौरान 84 हजार वर्गफीट क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी रंगोली का बनाई जाएगी, जिसमें भारत के महान आध्यात्मिक गुरूओं, महान देश भक्तों की छवियों को रंगों के माध्यम से उकेर कर सनातन सवधर्म एकता का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशाल रांगोली का निर्माण कर राष्ट्रीय एकता व सामाजिक समरता का परिचय देने के साथ ही वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए किया जाएगा। जिसकी मानिटरिोग करने गिनिज बुक आफ़ वर्ल्ड रिकार्ड लंदन की टीम नीमच आएगी।