तराना। माँ अहिल्या की नगरी तराना मे कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी श्री नाना महाराज गुरु मंदिर प्रांगण से पालकी यात्रा निकाली गई नाना. महाराज गुरु मंदिर सेवा न्यास अध्यक्ष संजय जी तराणेकर द्वारा जानकारी देते बताया गया की की नाना महाराज तराणेकर की कर्मभूमी तपस्थली तराना मे सद्गुरु प्राप्ति हेतू कठीण तपस्या के फळस्वरूप स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने प्रकट होकर श्री नाना को गुरूदिक्षा प्रदान की थी शुभ दिवस कार्तिक पूर्णिमा को अनुग्रह प्राप्त होनें के अनुसार प्रत्येक वर्ष श्री नाना जी की जन्म स्थळी तराना मे कार्तिक पूर्णिमा की प्रगटोत्सव आयोजित किया जाता हे इस अवसर पर संपूर्ण भारत गण से एकत्रित होकर नाना भक्त नाना की भक्ति का आनंद लेते हैं वही नाना महाराज के अनुज काका महाराज की पालकी खामगांव से तराना पहुँची वही तराना मे दो दिवसीय प्रगटोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमे 14 नवंबर को संगीत सम्मान समारोह आयोजित किया गया वही 15 नवम्बर को नाना का अभिषेक पूजन एवं कांकड़ आरती की गई त्तपश्चात प्रभाती भजन होने के पश्चात पालकी यात्रा निकाली गई। जो मंदिर प्रांगण से प्रारभ होकर बस स्टेण्ड पहुंची जहाँ मंगलनाथ मंदिर पहुंची। जहाँ मंगलनाथ भक्त मंडली द्वारा पालकी का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया एवं सभी भक्तो को अल्पाहार करवाया वही दत्त मंदिर होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण पहुंची जहाँ पालकी यात्रा का जगह जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत सत्कार किया पालकी समापन के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन किया एवं उत्सव का समापन किया।