नीमच। आज देशभर में निर्जला एकादशी की धूम है। नीमच के मंदिरों में भी भक्ति और श्रद्धा के अनूठे दृश्य दिखाई दे रहे हैं। जगह-जगह मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ रही है। बावड़ी वाले बालाजी स्थित नीमच नरेश श्याम बाबा के दरबार में भी आज सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। खास तौर पर मंदिर को आम के फल और पत्तों से सजाया गया है। बाबा का दिल्ली एवं कोलकाता के फूलों से आकर्षक शाही श्रृंगार किया गया है। दिव्य अलौकिक श्रृंगार के साथ श्याम बाबा का दरबार सजा हुआ है। आज नीमच नरेश को 1111 किलो आम रस का महाभोग लगाया जाएगा। दर्शनार्थियों को कोल्ड ड्रिंक वितरित किया जा रहा है। आमरस का प्रसाद भी भक्तों में वितरित होगा।
प्राचीन श्री राम मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित गोपाल कृष्ण शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस व्रत में पानी का पीना वर्जित है, इसलिए इसे निर्जल एकादशी कहा जाता है। इसे भीम सेनी एकादशी भी कहते है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना के लिए समर्पित होता है। श्याम मंदिर में शाम 7.00 बजे महा आरती होगी 9.00 बजे भव्य संगीतमय ताली कीर्तन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि तिलक मार्ग स्थित नीमच नरेश श्याम धाम पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आसपास और दूर-दराज से अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। भक्तों की आस्था और श्रद्धा है कि सच्चे दिल से मांगी हुई मन्नतें यहां पूरी होती है।