भोपाल। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रदेश में विमुक्त, घुमंतु और अर्धघुमंतू समाज के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने के लिये इन समुदायों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण के माध्यम से प्रदेश में निवास करने वाले इस समाज के लोगों का डेटा एकत्र होगा और इसी के आधार पर इनके समग्र विकास के लिए सरकार कार्यक्रम तय करेगी। इस सर्वे के दौरान 52 समाज के लोगों की जीविका के साधन, रोजगार, परंपरागत व्यवसाय आदि के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने विमुक्त, घुमंतू और अर्धघुमंतु समुदाय के सर्वेक्षण-2025 पर बुधवार को हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला में कहा कि जन अभियान परिषद और विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के बीच सर्वेक्षण के लिए एमओयू हुआ है। इससे सर्वेक्षण प्रमाणिकता के साथ होगा। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में लगे कार्य समन्वयक पूरी ईमानदारी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करेंगे।
तीन माह में आएगी रिपोर्ट-गौर
पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के परिवारों के समेकित विकास के दृष्टिगत सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के 12 जिलों में सर्वेक्षण का कार्य होगा और यह कार्य तय समय सीमा 3 माह में पूरा किया जायेगा। सितम्बर में सर्वेक्षण का प्रथम चरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण में प्रदेश के शेष जिलों में सर्वे होगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से इन समुदायों की जानकारी एकत्र की जायेगी और जानकारी के आधार पर इन समुदायों के विकास के लिये कार्यक्रम बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण दल यह तय करें की सर्वेक्षण से एक भी परिवार नहीं छूटे।
जन अभियान परिषद और विमुक्त घुमक्कड़ विभाग के बीच हुआ एमओयू
कार्यशाला में क्षेत्रिय प्रमुख घुमन्तु कार्य गौरेलाल ने कहा कि वह विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के बीच में पिछले कई वर्षों से कार्य कर रहे है। गौरेलाल ने कार्य के दौरान हुए अनुभवों पर आधारित इन समुदायों की समस्याओं से जुड़े अनेक संस्मरण सुनायें और कहा कि इन समुदायों के विकास के लिये व्यवस्थित कार्य योजना जरूरी है और सर्वेक्षण का डेटा महत्वपूर्ण होगा।
कार्यशाला को मध्यप्रदेश जन अभियान के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अध्यक्ष विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास अभिकरण बाबूलाल बंजारा ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास विभाग ई. रमेश कुमार और कार्य पालक निदेशक जन अभियान परिषद डॉ. बकुल लाड ने कार्यशाला के उद्देश्यों को लेकर जानकारी दी। कार्यशाला में जनअभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड और संचालक विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास विभाग नीरज वशिष्ठ ने एमओयू का दस्तावेज एक दूसरे को सौंपा। विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विभाग द्वारा तैयार किये गये पोस्टर का अतिथियों द्वारा विमोचन भी किया गया।