नीमच। अफीम किसानों के हितों को लेकर हमेशा संघर्ष करने वाले भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नृरसिंह दास बैरागी वैष्णव का निधन शुक्रवार को हो गया, जैसे ही ये खबर उनके मिलने वाले व अफीम किसानों को पता चली तो मालवा-मेवाड़ के किसानों में शोक की लहर छा गई।

मिली जानकारी के अनुसार भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नृसिंह दास बैरागी जी वैष्णव बीमारी के चलते उदयपुर हॉस्पिटल भर्ती थे। जहां उनका पिछले एक दो दिनों से इलाज चल रहा था, शुक्रवार सुबह 10ः00 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। आपको बता देवें कि भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति के सभी किसानों के लिये 2008 से नृसिंह दास बैरागी लड़ाई लड़ते आ रहे थे, खासकर वे अफीम किसानों के लिये आवाज उठाते आए हैं।

वहीं अफीम किसानों की आवाज उठाने वाले नृसिंह दास बैरागी के निधन की खबर पर वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन शोक व्यक्त किया है। वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन ने कहा कि मालवा मेवाड़ में अफीम किसानों को एक बहुत बड़ी क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है क्योंकि अफीम किसानों को आ रही परेशानियों को लेकर बैरागी लंबे वक्त से अफीम नीति में बदलाव के लिये आवाज किसानों की तरफ से उठाते आए है ऐसे में उनका चले जाना याने कि एक युग की समाप्ति है जो उर्जा और लड़ाई लड़ने की क्षमता बैरागी में थी वो दूसरे नेता में नही दिखने को मिली है, उसी का नतीजा रहा कि बैरागी के संघर्ष से बहुत कुछ बदलाव भी अफीम पॉलिसी में हुआ है। समाज और धर्म के क्षेत्र में बैरागी का हमेशा अग्रणी योगदान रहा। सभी सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं में वे सक्रिय रूप से सहयोग करते थे, जिससे उन्हें क्षेत्र में विशेष सम्मान प्राप्त था भगवान से पार्थना करूंगा की ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।
