चित्तौड़गढ़। आषाढ़ संक्रान्ति 15 जून को चित्तौड़गढ़ किला स्थित चरणपादुका चिन्ह पर सतगुरू रविदास महाराज का परिनिर्वाण दिवस मनाया गया। ज्ञातव्य है कि देश के प्रमुख संत महात्माओं एवं विद्वानों द्वारा चित्तौड़गढ़ की पावन भूमि को सतगुरू रविदास महाराज का परिनिर्वाण स्थान माना है जहाँ संत मीराबाई उनकी परम शिष्या रही है।
अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन भारत के राजस्थान प्रभारी व अमृतवाणी प्रचारक धन्नालाल जोड़वाल ने मुख्य अतिथि के रूप में गुरू रविदास महाराज का चित्तौड़गढ़ इतिहास एवं यहां पर परिनिर्वाण के संबंध में तथ्यपरक जानकारी दी। इससे पूर्व चरणपादुका पूजन कर आरती एवं सर्वकल्याण के लिये अरदास कर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
मुख्य आयोजक श्री गुरू रविदास सत्संग समिति के प्रदेश संयोजक कालूराम बैरवा, डॉ. अम्बेडकर विचार मंच संस्थान के रविन्द्र बैरवा, छगनलाल चावला, डॉ. अम्बेडकर ब्लड फाउण्डेशन के मनोज बैरवा, संत श्री रविदास सामाजिक मंच के माधवलाल बैरवा, मध्यप्रदेश के दिलीप चौड़िया, पंजाब की संगत के साथ राजस्थान के संत छोगाजी महाराज, भीलवाड़ा, सांगानेर से बालूराम, जमनालाल सहित अनेक गुरू प्रेमियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया गया।