कुकड़ेश्वर। मनासा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष मोहन गुर्जर ने एक मिसाल पेश की है, जो हर जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणा बन सकती है। गुर्जर को शासन से प्रतिमाह लगभग 13 हज़ार रुपये मानदेय प्राप्त होता है। लेकिन उन्होंने यह राशि स्वयं पर खर्च करने के बजाय समाज के भविष्य, यानी बच्चों की शिक्षा, के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया।
इसी कड़ी में उन्होंने मनासा ब्लॉक के ग्राम नलवा ढाणी स्कूल में बच्चों को बैग, कॉपी, पेन और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की। छोटे-छोटे मासूम बच्चों ने नए बैग और कॉपियाँ हाथों में थामते ही अपनी मुस्कान से इस पहल की असली सफलता दिखा दी।
ग्रामीणों ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम न केवल बच्चों के भविष्य को संवारने वाला है, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला भी है। मौके पर गाँववालों ने गुर्जर का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सच्चा जननायक बताया।
इस अवसर पर मोहन गुर्जर ने कहा “अगर मेरे छोटे से प्रयास से कोई बच्चा आगे बढ़ता है, तो यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। मानदेय की असली कीमत तभी है जब उससे किसी का भविष्य बने।”
निश्चित ही यह पहल अनुकरणीय है और शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच व सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।