कुकड़ेश्वर। कुकड़ेश्वर नगर से लगभग 7 किलोमीटर दूर ग्राम मोकड़ी खड़ावदा के किसान धनसिंह राजपूत (पिता भेरुसिंह) की खेत में काम करते समय विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण करंट लगने से मृत्यु हो गई। किसान की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मनासा-गांधी सागर रोड, घोटा पिपलिया पर मृतक का शव रखकर लगभग एक घंटे तक चक्का जाम किया।
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक किसान परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार में दो बच्चे हैं, जिनमें एक विकलांग है, और पत्नी भी दिव्यांग है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से टूटे हुए बिजली तारों की कई बार शिकायत की गई, लेकिन विद्युत विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मनासा ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र श्याम सोनी ने बताया कि विभाग के कर्मचारी शिकायतों को नजरअंदाज करते हैं और छोटे-मोटे काम के लिए भी लाइनमैन अक्सर रिश्वत मांगते हैं। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष पोरवाल ने कहा कि हाल ही में महागढ़ में भी करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि मनासा तहसील में ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं, फिर भी विभाग निष्क्रिय है।
इस मौके पर जनपद सदस्य प्रतिनिधि घीसालाल जाट, व जसवंत सिंह चंद्रावत सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। चक्का जाम की सूचना पर कुकड़ेश्वर थाना प्रभारी, मनासा थाना प्रभारी, तहसीलदार और एसडीएम किरण आंजना विद्युत विभाग के सुपरवाइजर नितिन ऊईके के साथ मौके पर पहुंचे।
एसडीएम किरण आंजना ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि परिवार के एक सदस्य को विद्युत विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में नौकरी दी जाएगी। संबल योजना या विद्युत विभाग की ओर से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। क्षेत्र में बिखरे हुए टूटे तार हटाए जाएंगे और संबंधित लाइनमैन पर विभाग द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने शव को उठाकर धरना समाप्त किया।
एसडीएम किरण आंजना ने कहा कि शासन की संबल योजना के तहत या विद्युत विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।