सिंगोली। नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में बड़े तालाब के किनारे वर्षों से बसी मामा बस्ती में निवासरत आदिवासी परिवारों के बच्चों के सामने शिक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बस्तीवासियों का सवाल है कि क्या उनके बच्चे धीरे-धीरे शिक्षा से पूरी तरह वंचित कर दिए जाएंगे? क्योंकि पहले उनसे स्कूल भवन, फिर शिक्षा व्यवस्था और अब मध्याह्न भोजन तक छीन लिया गया है।
मंगलवार दोपहर उस समय स्थिति और गंभीर हो गई, जब स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे भोजन के इंतजार में बैठे रहे, लेकिन उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि आज भोजन नहीं मिलेगा। जब बस्तीवासियों ने कारण पूछा तो वहां पढ़ा रहे शिक्षक ने बताया कि भोजन सामग्री सहित अन्य आवश्यक सामान प्रधानाध्यापक द्वारा ले जाया गया है।
इस घटना से आदिवासी परिवारों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि क्षेत्र की तुच्छ राजनीति का खामियाजा उनके बच्चों की शिक्षा को भुगतना पड़ रहा है और योजनाबद्ध तरीके से आदिवासी बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि करीब तीन दशक पूर्व मामा बस्ती के बच्चों की शिक्षा के लिए शासन द्वारा स्कूल भवन, आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्थाएं और मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत किचन शेड का निर्माण कराया गया था। लेकिन समय के साथ ये सभी सुविधाएं एक-एक कर आदिवासी बच्चों से छीनी जा रही हैं।
इस संबंध में ग्रामीण आदिवासी दिनेश भाबर ने बताया कि गंदी राजनीति के कारण बस्ती के लोग बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और आवश्यकता पड़ी तो अपने मौलिक अधिकारों के लिए भोपाल और दिल्ली तक जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।