देवास। ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन साइबर” के तहत एडिशनल एसपी एच एन बाथम ,एसडिओपी सृष्टि भार्गव के मार्गदर्शन में थाना हाटपीपल्या थाना प्रभारी दिपक यादव के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹50,000 नकद मश्रुका बरामद किया है।
पूरे मामले का पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने प्रेस वार्ता कर बताया की थाना हाटपीपल्या क्षेत्र में आरोपी जाकिर पठान लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए अवैध सट्टा संचालित कर रहा था। वह युवाओं को अधिक लाभ का लालच देकर सट्टा खेलने के लिए प्रेरित करता था, जिससे कई युवक आर्थिक रूप से बर्बाद हो गए। इसी ऐप से हुए आर्थिक नुकसान के चलते नगर निवासी योगेश अग्रवाल द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला भी सामने आया है।
पूछताछ में सामने आया कि जाकिर पठान, अरुण तंवर एवं हरिश सोलीवाल के निर्देश पर कार्य करता था। आरोपी वेबसाइट्स के माध्यम से 24×7 ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। मास्टर आईडी इंदौर निवासी सहुल चौरसिया से प्राप्त की जाती थी, जिसके अंतर्गत क्षेत्र में कई एजेंट आईडी बनाई गई थीं।
आरोपी सट्टा खेलने के इच्छुक लोगों से बैंक खातों में रकम जमा कराकर आईडी-पासवर्ड देते थे और न्च्प् के माध्यम से भुगतान करते थे। इस गेमिंग ऐप के विरुद्ध पूर्व में खरगोन एवं इंदौर में भी प्रकरण दर्ज होना पाया गया है।
उल्लेखनीय है कि आरोपी जाकिर पठान पर वर्ष 2024 में आत्महत्या के दुष्प्रेरण का प्रकरण भी दर्ज हुआ था, जिसमें वह वर्तमान में जमानत पर था। पुलिस द्वारा अब उसकी जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों व बैंक खातों की जांच कर रही है।