भोपाल। मध्य प्रदेश में नवंबर और दिसंबर में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब जनवरी महीने में भी कड़ाके की सर्दी पड़ने का अनुमान है। नए साल के पहले दिन हालांकि तेज ठंड नहीं पड़ी। लेकिन एमपी के उत्तरी हिस्से असर देखने को मिला। 16 जिलों में कोहरा और 5 जिलों में बादल छाए रहे।
एमपी में इस सीजन ठंड का कहर देखने को मिल रहा है। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ी। दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया। वहीं अब जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता से मध्य प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ेगा। 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर, भिंड़, मुरैना, सतना, सिंगरौली, सीधी, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, मैहर, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा छाएगा।
यहां पारा 10 डिग्री से नीचे
प्रदेश में बुधवार-गुरुवार को कई जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इंदौर, छिंदवाड़ा, पचमढ़ी, शहडोल, खजुराहो में तेज सर्दी पड़ी। नए साल की पहली रात पचमढ़ी सबसे ज्यादा ठंडी रही। यहां पारा 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 6.4 डिग्री, खजुराहो-शिवपुरी में 7.0 डिग्री, अमरकंटक में 7.3 और राजगढ़-रीवा में 7.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।
कोहरे से ट्रेनें प्रभावित
मध्य प्रदेश में ठंड और कोहरे की वजह से जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। दिल्ली से आने वाले ट्रेनें प्रभावित हो रही है। कई ट्रेनें अपने समय से लेट चल रही है। 8 से 10 घंटे तक ट्रेन डिले हो रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही हवाई उड़ान पर भी असर पड़ा है। कई फ्लाइट लेट उड़ान भर रही है।