झाबुआ। आकांक्षी ब्लॉक प्रोग्राम के अंतर्गत नीति आयोग से प्रस्तावित तीन दिवसीय भ्रमण के परिप्रेक्ष्य में झाबुआ जिले के केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी (सीपीओ) संदीप कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर नेहा मीना की उपस्थिति में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मिश्रा को आकांक्षी ब्लॉक प्रोग्राम के तहत जिले के विकासखण्ड रामा, राणापुर, थान्दला एवं मेघनगर में विभिन्न इंडिकेटर्स पर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2025 में नीति आयोग द्वारा जून 2025 एवं सितम्बर 2025 को जारी डेल्टा रैंकिंग तथा आकांक्षी ब्लॉक प्रोग्राम अंतर्गत जिले को प्राप्त अवॉर्ड के संबंध में भी अवगत कराया गया।
बैठक में कलेक्टर नेहा मीना ने बताया कि जिले में सम्पूर्णता अभियान के तहत विशेष प्रयास किए गए हैं। महिला एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिला एवं शिशु स्वास्थ्य के अंतर्गत राणापुर में मेटरनिटी वेटिंग सह वार्ड के प्रस्ताव को नीति आयोग से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शिक्षा के क्षेत्र में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में विगत वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के समन्वय से जमीनी स्तर तक सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
साथ ही बैठक में मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के अंतर्गत किए गए सैंपल कलेक्शन एवं विश्लेषण की जानकारी देते हुए बताया गया कि मृदा में जिंक, आयरन एवं बोरोन की कमी पाई गई है, जिसके उपचार हेतु प्राकृतिक एवं रासायनिक दोनों तरीकों की जानकारी कृषकों को दी जा रही है। इसके अतिरिक्त पशुपालन विभाग द्वारा घर-घर जाकर टीकाकरण अभियान, संस्थागत वित्त के विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
सीपीओ संदीप कुमार मिश्रा ने आकांक्षी ब्लॉक प्रोग्राम के अंतर्गत जिले को प्राप्त अवॉर्ड एवं रामा व राणापुर ब्लॉक को मिली प्रोत्साहन राशि को सराहनीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह कलेक्टर एवं उनकी टीम की मेहनत, लगन और इच्छाशक्ति का परिणाम है। ऐसे अचीवमेंट्स भविष्य के कार्यों के लिए प्रेरणा देते हैं। उन्होंने मोटी आई अभियान को डेटा-ड्रिवन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए फील्ड निरीक्षण आधारित बताया, जिसे उन्होंने अत्यंत सराहनीय कहा।
मिश्रा ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े इंडिकेटर्स पर और अधिक प्रभावी कार्य करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण, आशा कार्यकर्ताओं के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के साथ-साथ नई शिक्षा नीति के अंतर्गत प्री-प्राइमरी शिक्षा प्रदान करने हेतु ओरिएंटेशन देने के निर्देश दिए। साथ ही पोषण आहार वितरण एवं उसकी मॉनिटरिंग में तकनीक के उपयोग हेतु सीसीटीवी, क्यूआर कोड एवं जियो-टैगिंग जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने जिले में कृषि आधारित प्रोसेसिंग उद्योग के विकास, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में अचीवर्स को सम्मानित कर विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने तथा छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामों में भारतनेट प्रणाली की पूर्ण कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के प्रयासों को तेज करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
सीपीओ मिश्रा ने कहा कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद जिले की टीम द्वारा किया जा रहा कार्य प्रशंसनीय है और आने वाले समय में इससे और बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, डिप्टी कलेक्टर सुश्री अवनधती प्रधान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एस. बघेल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुप्रिया बिसेन एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।