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February 2, 2026, 2:21 pm
SHOK SAMACHAR : सपनों की उड़ान पर लगा ब्रेक, सड़क हादसे ने छीन ली जीरन की ब्लैक बेल्ट तुलसी, खेल जगत में शोक की लहर, पढे़ खबर 

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जीरन। हौसलों के तरकश में जीत के कई तीर बाकी थे, आंखों में देश के लिए मेडल जीतने के सपने थे और पैरों में ताइक्वांडो की वो फुर्ती, जिससे बड़े-बड़े प्रतिद्वंद्वी मात खा जाते थे। लेकिन नियति के क्रूर प्रहार ने जीरन की एक चमकती प्रतिभा को हमसे हमेशा के लिए छीन लिया। जीरन निवासी केशवदास बैरागी की सुपुत्री और ताइक्वांडो की जांबाज खिलाड़ी तुलसी बैरागी अब हमारे बीच नहीं रहीं।


मिली जानकारी के अनुसार, ब्लैक बेल्ट ताइक्वांडो खिलाड़ी तुलसी बैरागी वर्तमान में मन्दसौर रहकर अपने खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही थीं। बीती रविवार रात वह अपनी सहेली के साथ स्कूटी से मन्दसौर स्थित घर की ओर जा रही थीं, तभी एक अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने उनकी खुशियों को रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तुलसी व उसकी सहेली गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल मन्दसौर जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन देर रात उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।


तुलसी के आकस्मिक निधन की खबर जैसे ही उनके गृह नगर जीरन पहुँची, पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। एक होनहार बेटी, जो खेल के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवा रही थी, वह जिंदगी की जंग हार जाएगी, ऐसा किसी ने सोचा न था। हर आँख नम है और हर जुबां पर बस तुलसी की प्रतिभा और उसकी सादगी के किस्से हैं।


एक अधूरी रह गई ब्लैक बेल्ट की कहानी
तुलसी मात्र एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि जीरन की उन बेटियों के लिए प्रेरणा थीं जो छोटे शहरों से निकलकर खेल की दुनिया में नाम कमाना चाहती हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से ताइक्वांडो में श्ब्लैक बेल्टश् हासिल किया था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे नगर की संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। अकस्मात घटित इस घटना ने जीरन से उसकी एक अनमोल पहचान छीन ली है। खेल का मैदान आज सूना है और जीरन की हवाओं में सिर्फ गम की खामोशी है।

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