भगवानपुरा। क्षेत्र में महाशिवरात्रि का पर्व रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर पहाड़ी अंचल के प्रसिद्ध शिवालयों में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
समीपस्थ तीर्थ स्थल नन्हेंश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। यहां पूज्य श्री हरिओम बाबाजी के सान्निध्य में विशेष हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दही, दूध, शहद आदि से भगवान महादेव का अभिषेक किया जाएगा। शिवभक्तों को देशी घी से बने आलू के हलवे की महाप्रसादी वितरित की जाएगी। परिसर में दो दिवसीय मेला भी आयोजित होगा। मान्यता है कि नन्हेंश्वर धाम में ऋषि मार्कण्डेय ने बाल अवस्था में तपस्या की थी, तभी से यह स्थान पवित्र माना जाता है। आयोजन की व्यवस्थाएं आसपास के ग्राम भग्यापुर, भगवानपुरा, बाड़ी, बिस्टान सहित अन्य गांवों के ग्रामीण संभालेंगे। महाशिवरात्रि पर महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। जलमंदिर में विराजित प्राकृतिक शिवलिंग भगवान मार्कण्डेश्वर महादेव के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेंगे। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
वहीं सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित सिरवेल महादेव में भी महाशिवरात्रि पर शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ेगा। प्राकृतिक गुफा में विराजित महादेव के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचेंगे। यहां प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक स्थल महाराष्ट्र की सीमा से सटा होने के कारण वहां से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आएंगे।
इसके अलावा भगवानपुरा से करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित मोहना महाकालेश्वर मंदिर में भी आस्था की भीड़ देखने को मिलेगी, जहां मंदिर समिति द्वारा प्रसादी का वितरण किया जाएगा। साथ ही प्राकृतिक धार्मिक स्थल बिजागढ़ महादेव में भी महाशिवरात्रि पर शिवभक्तों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है।