नीमच। गौ संरक्षण और गो सेवा के संकल्प के साथ नीमच और मनासा क्षेत्र में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई दो चरणों में हुए इस आयोजन में पहले सत्र का आयोजन नीमच स्थित परशुराम भगवान मंदिर परिसर में तथा दूसरे सत्र का आयोजन मनासा तहसील के फुलपुरा गांव में चमत्कारी बालाजी मंदिर परिसर में किया गया।बैठक में संतों, गौ भक्तों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। वक्ताओं ने वेदों में वर्णित गौ माता के महत्व, भारतीय संस्कृति में उनके स्थान और वर्तमान समय में गौ संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से विचार रखे। अभियान से जुड़े संतों और पदाधिकारियों ने उपस्थित जनसमुदाय को अभियान के उद्देश्य और आगामी रणनीति की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने गो सेवा की सामूहिक प्रतिज्ञा ली और गो प्रार्थना की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 27 अप्रैल 2026 को ‘गौ सम्मान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन नीमचदृमनासा तहसील के समस्त गोभक्त और गोपालक तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार के माध्यम से भारत में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गाय को राष्ट्रमाता, राष्ट्र धरोहर और राष्ट्र आधार का दर्जा देने की मांग संबंधी ज्ञापन देश के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों के नाम सौंपेंगे।
आयोजकों ने इसे जनजागरण की दिशा में एक सशक्त पहल बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। बैठक में युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही ।