मंदसौर जिले के गरोठ और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार शाम अचानक आई तेज ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी। करीब 15 से 30 मिनट तक चली इस प्राकृतिक मार से अफीम, गेहूं, चना, धनिया और सरसों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई खेतों में फसलें जमीन पर बिछ गईं, जबकि अफीम के फूल और डोडे टूटकर गिर गए।
अफीम किसानों पर सबसे ज्यादा संकट
अफीम उत्पादकों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें केंद्र सरकार द्वारा तय औसत पैदावार देना अनिवार्य होता है। फसल खराब होने से औसत पूरा करना मुश्किल हो सकता है, जिससे पट्टा (लाइसेंस) रद्द होने का खतरा किसानों को सता रहा है। लाखा खेड़ी के किसान ओमप्रकाश व्यास ने बताया कि उनके खेत में करीब 50 प्रतिशत अफीम की फसल नष्ट हो गई है।
कर्जदार किसानों पर आर्थिक दबाव
कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी। अचानक हुए नुकसान से उन पर आर्थिक संकट गहरा गया है। किसानों ने मांग की है कि नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए, उचित मुआवजा दिया जाए और अफीम की औसत पैदावार की शर्त में राहत दी जाए ताकि किसी का पट्टा निरस्त न हो।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि सक्रिय
नुकसान की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और किसानों को भरोसा दिलाया कि जल्द सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। गरोठ एसडीएम राहुल चौहान ने बताया कि सभी पटवारियों को खेतों में जाकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों की मांग
जल्द सर्वे और मुआवजा
अफीम के औसत उत्पादन में छूट
कर्ज राहत और पट्टा सुरक्षित रखने की व्यवस्था
अचानक आई ओलावृष्टि ने रबी सीजन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अब किसानों की नजर सरकार की राहत घोषणा और सर्वे रिपोर्ट पर टिकी है।