नीमच। वनमण्डल नीमच में दर्ज प्रकरण क्रमांक 3552/19 (22 जनवरी 2026) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रकरण में कथित अनियमितताओं और विधि-विरुद्ध कार्रवाई के आरोपों के बीच जयस ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि मामले में आरोपी को बिना विधिसम्मत प्रक्रिया और फोरेंसिक बैलिस्टिक जांच के ही फंसाया गया।

जिला अध्यक्ष बद्रीलाल महुनिया के नेतृत्व में जयस के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को वन मंडल अधिकारी कार्यालय के समक्ष उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए और कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप टी-शर्ट उतारकर विरोध जताया। कुछ समय के लिए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर भी विरोध किया। पुलिस के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए, लेकिन उनकी मांगों में कोई नरमी नहीं आई।

विवाद की जड़ 22 जनवरी को जावद वन क्षेत्र में घायल अवस्था में मिले एक तेन्दुए से जुड़ी है। मामले में ग्राम तरोली (तहसील सिंगोली) निवासी हेमराज पिता रत्ता भील को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। जयस का आरोप है कि आरोपी को बिना ठोस साक्ष्य के फंसाया गया, जबकि सर्च वारंट जारी करने और आरोपी को गिरफ्तार करने के अधिकार को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। संगठन ने स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई एवं आरोपी को न्याय दिलाने की अपील की है।

प्रदर्शनकारियों ने डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि यदि मामले का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि उनका आंदोलन केवल निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित होने तक जारी रहेगा।

वन मंडल के अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकला। इस घटना ने वन विभाग के प्रबंधन और प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को भी उजागर किया है। स्थानीय समाज और वन संरक्षण संगठनों की नजर इस मामले पर बनी हुई है, और यह घटना नीमच जिले में वन अपराध मामलों के निपटान पर व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।

मुख्य बिंदु-
- प्रकरण क्रमांक 3552/19 में विवाद और विरोध प्रदर्शन।
- घायल तेन्दुए के मामले में हेमराज भील पर आरोप।
- जयस का आरोपरू विधि-विरुद्ध कार्रवाई, बिना फोरेंसिक जांच के गिरफ्तारी।
- प्रदर्शनकारी डीएफओ से मिलने की मांग पर अड़े।
- संगठन ने स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

समाचार लिखे जाने तक समाधान नहीं निकला, आंदोलन जारी।
