नीमच। पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने नयागांव-जावरा राज्य मार्ग की खराब हालत और बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग मध्यप्रदेश का तीसरा राज्य मार्ग है, जहाँ पिछले वर्षों में 1281 मौतें हुई हैं और घायल होने वालों की संख्या हजारों में है।

डॉ. जाजू ने कहा कि इस मार्ग पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर अभी तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। विशेष रूप से नीमच जिले में स्थित सड़क पर ओवर ब्रिज निर्माण जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में तीन ओवर ब्रिज स्वीकृत कर बनाए जा चुके हैं, जिनमें से एक पूर्ण रूप से उपयोग में है और दो निर्माणाधीन हैं।

डॉ. जाजू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी की योजना का हवाला देते हुए बताया कि जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शामिल कर सड़क सुरक्षा सुधार के लिए “नागपुर मॉडल” लागू किया जाएगा। इसके तहत अगले महीनों में एक वृहद सम्मेलन बुलाकर ब्लैक स्पॉट पर ओवर ब्रिज निर्माण पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नयागांव-लेवड़ मार्ग पर बारह से पंद्रह ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें नयागांव रेल ओवर ब्रिज, जावद-नीमच क्रॉसिंग, भडभडीया, जेतपुर (मनासा-नीमच क्रॉसिंग), भाटखेड़ा और जीरन क्रॉसिंग शामिल हैं। पिछले दो दशकों से इन स्थानों पर ओवर ब्रिज बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

डॉ. जाजू ने मांग की कि उज्जैन सिंहस्थ के विशेष फंड से इन ब्लैक स्पॉट पर ओवर ब्रिज बनाने के लिए राशि स्वीकृत की जाए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग राजस्थान के उदयपुर, अजमेर और मेवाड़ क्षेत्र को मध्यप्रदेश से जोड़ता है और उज्जैन को धार्मिक स्थलों जैसे नाथद्वारा, पुष्कर, भादवा माताजी और सुखानंद से जोड़ता है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित हो सके।

डॉ. जाजू ने अपेक्षा व्यक्त की कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि गडकरीजी की योजना में शामिल होकर इस गंभीर मुद्दे का समाधान करेंगे।
