नीमच। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रसोई गैस सिलेंडरों की बुकिंग को लेकर मचे हाहाकार ने अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे का रूप ले लिया है। डिजिटल इंडिया के दावों के बीच, मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन पोर्टल्स पर “बुकिंग नॉट अवेलेबल” संदेशों ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है। इस गंभीर संकट के चलते लोकप्रिय युवा नेता और प्रशासनिक शुचिता के पैरोकार विकास ‘गोलू’ ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा, “जनता के सब्र का बांध अब टूट रहा है। यदि हालात सुधारे नहीं गए, तो बड़ा आंदोलन होगा।”
तकनीकी विफलता या मिलीभगत का खेल?
विकास ‘गोलू’ ने गैस एजेंसियों और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ तकनीकी खामी नहीं, बल्कि आम जनता को परेशान करने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। महंगाई आसमान छू रही है, और सिलेंडर के लिए भी लोग दर-दर भटक रहे हैं। क्या सरकार और प्रशासन सो रहे हैं?”
समस्या के मुख्य कारण-
पोर्टल क्रैश- पिछले 72 घंटों से प्रमुख गैस कंपनियों के बुकिंग सर्वर ठप हैं, जिससे हजारों उपभोक्ता प्रभावित हैं।
एजेंसियों की मनमानी- स्थानीय गैस एजेंसियां स्टॉक की कमी का बहाना बनाकर बुकिंग लेने से इनकार कर रही हैं।
होम डिलीवरी में देरी- पहले से बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को 10-15 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।
“जनता के चूल्हे बुझने नहीं देंगे”
युवा नेता विकास ‘गोलू’ ने कहा कि वह स्वयं इस मामले की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों के संपर्क में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर बुकिंग प्रक्रिया सुचारू नहीं हुई और पारदर्शी वितरण प्रणाली लागू नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।
उन्होंने कहा, “गैस सिलेंडर कोई विलासिता नहीं, बल्कि हर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार की बुनियादी जरूरत है। जब तक हर घर में सिलेंडर नहीं पहुँच जाता और बुकिंग की समस्या हल नहीं होती, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रशासन की इस सुस्ती और तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”