नीमच। संसद में दिए गए एक बयान को लेकर जिले की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वित्त मंत्री द्वारा संसद में नीमच जिले को राजस्थान का हिस्सा बताए जाने पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे जिले की पहचान व सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने बयान जारी कर कहा कि संसद जैसे सर्वाेच्च मंच पर नीमच को राजस्थान में बताना केवल सामान्य भूल नहीं, बल्कि जिले की ऐतिहासिक पहचान और अस्मिता पर आघात है। उन्होंने कहा कि नीमच ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आज भी अफीम उत्पादन तथा कृषि मंडी के कारण देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। इसके बावजूद वित्त मंत्री को जिले की भौगोलिक स्थिति की जानकारी नहीं होना चिंताजनक है।
सांसद की भूमिका पर उठाए सवाल-
बाहेती ने क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सांसद अपने संसदीय क्षेत्र के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाते, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने कहा कि नीमच के प्रमुख मुद्दे, विशेषकर अफीम किसानों की समस्या, संसद में मजबूती से नहीं उठाई गई, जिससे जिले की पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति बनी।
भाजपा नेतृत्व पर भी साधा निशाना-
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की नजर में नीमच का महत्व कम है। उन्होंने कहा कि अपने ही देश के जिले की सही जानकारी न होना शासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
कांग्रेस ने की बयान की निंदा-
कांग्रेस ने वित्त मंत्री के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि नीमच अपनी ऐतिहासिक विरासत, अफीम उत्पादन और कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के कारण देश में विशेष स्थान रखता है। ऐसे जिले को दूसरे राज्य का हिस्सा बताना यहां के किसानों और नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। बाहेती ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति न बने, इसके लिए जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अधिक सजगता और संवेदनशीलता के साथ बयान देना चाहिए।