रतलाम। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रतलाम के सहयोग से मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तथा उपस्थित अतिथियों का स्वागत सहायक संचालक भारती डांगी ने किया।
सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग एवं मिशन वात्सल्य के नोडल अधिकारी रवींद्र मिश्र ने प्रतिभागियों को कार्यशाला की रूपरेखा से अवगत कराया।
कार्यशाला में योगेश पाल (डीवीसी, रमसा) ने बच्चों पर होने वाली मानसिक एवं शारीरिक हिंसा के दुष्प्रभावों पर जानकारी दी। गिरीश सारस्वत, प्राचार्य सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सैलाना ने बच्चों को दिए जाने वाले दंड और उसके प्रभावों पर प्रकाश डाला। पल्लवी पोरवाल, पूर्व अध्यक्ष सीडब्ल्यूसी इंदौर ने किशोर न्याय अधिनियम की जानकारी दी, जबकि मनीषा पायक (आस संस्था, इंदौर) ने बालकों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पोक्सो) कानून के बारे में विस्तार से बताया।
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. अभय ओहरी ने एमएलसी प्रक्रिया और अपराधियों को सजा दिलाने में मेडिकल साक्ष्य के महत्व की जानकारी दी। कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।