देवास। शहर में आस्था, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब देवास स्वर्णकार महिला मंडल द्वारा गणगौर का पावन पर्व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शालिनी रोड स्थित स्वर्णकार समाज मंदिर से भव्य गणगौर जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सहभागिता की।
सज-धज कर सजी गणगौर माता (गौरा) और भगवान शिव की प्रतिमाओं के साथ निकला यह जुलूस शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा और अंत में मल्हार स्मृति मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुआ। जुलूस के दौरान जगह-जगह समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर और आरती उतारकर स्वागत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
महिलाओं ने ढोल-ढमाकों और लोकगीतों के बीच नाचते-गाते गणगौर पर्व को बड़े ही उल्लास के साथ मनाया। पारंपरिक गीतों की गूंज और रंग-बिरंगे परिधानों ने जुलूस की शोभा को और भी बढ़ा दिया।
स्वर्णकार महिला मंडल की महिलाओं ने बताया कि गणगौर पर्व विशेष रूप से सौभाग्य, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन गौरा (माता पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। अविवाहित युवतियां भी अच्छे वर की कामना के लिए इस पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाती हैं।
पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक एकता का सुंदर दृश्य देखने को मिला, जिसने देवास शहर को एक बार फिर उत्सवमय बना दिया।