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March 18, 2026, 5:34 pm
KHABAR : शासकीय रामचंद्र विश्वनाथ महाविद्यालय में वर्मीकंपोस्टिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, पढे़ शब्बीर बोहरा की खबर 

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मनासा। शासकीय रामचंद्र विश्वनाथ महाविद्यालय में प्राचार्य डॉक्टर एम एल  धाकड़ के मार्गदर्शन में तथा इको क्लब के तत्वावधान में “वर्मीकंपोस्टिंग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जैविक अपशिष्ट प्रबंधन तथा जैविक खाद निर्माण की वैज्ञानिक विधियों के बारे में जागरूक करना था।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ विनोद पाटीदार, संचालक, जैविक सागर उद्योग द्वारा वर्मीकंपोस्टिंग की प्रक्रिया, इसके लिए उपयोगी केंचुओं की प्रजातियाँ, खाद तैयार करने की विधि तथा आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। साथ ही विद्यार्थियों को वर्मीकंपोस्ट तैयार करने की प्रायोगिक प्रक्रिया का प्रदर्शन भी कराया गया।


इको क्लब प्रभारी प्रोफेसर मुकेश मालवीय ने बताया कि वर्मीकंपोस्टिंग जैविक खेती को बढ़ावा देने का एक प्रभावी और पर्यावरण हितैषी तरीका है। इसके माध्यम से जैविक कचरे का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाली प्राकृतिक खाद तैयार की जा सकती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।


कार्यशाला में महाविद्यालय के डॉ. अनिल जैन, डॉ. जी. के. कुमावत, डॉ. स्मिता रावत, डॉ. ममता बसेर, डॉ. सी. एस.  बारीवाल, डॉ. देवीलाल सुथार आदि प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। 


कार्यक्रम के अंत में प्रो कविश पाटीदार द्वारा सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की पर्यावरण जागरूकता संबंधी गतिविधियों के आयोजन की बात कही गई।

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