नीमच। 87वें सीआरपीएफ दिवस के अवसर पर ग्रुप केंद्र नीमच में भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। पूरे परिसर में देशभक्ति, उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत कैंप परिसर स्थित ऐतिहासिक ‘शौर्य स्थल’ पर दीपक कुमार, विशेष महानिदेशक (प्रशिक्षण), सीआरपीएफ, नई दिल्ली द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान सभी राजपत्रित अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी और जवान उपस्थित रहे और देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके पश्चात क्वार्टर गार्ड पर सुरेन्द्र कुमार, डीआईजी ग्रुप केंद्र, नीमच ने सलामी ली। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस बल की स्थापना 27 जुलाई 1939 को नीमच में ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस’ के रूप में हुई थी, जिसे बाद में सरदार वल्लभभाई पटेल ने ‘केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) नाम दिया। उन्होंने कहा कि 19 मार्च 1950 को इस बल को ‘प्रेसिडेंट कलर्स’ प्रदान किया गया, जो इसकी वीरता और उत्कृष्ट सेवा का प्रतीक है।
डीआईजी ने आगे कहा कि अनेक चुनौतियों के बावजूद सीआरपीएफ ने हर परिस्थिति में उत्कृष्ट कार्य किया है और स्वयं को विश्व के सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बल के अधिकारी एवं जवान देश की एकता और अखंडता के लिए सदैव समर्पित रहेंगे।
इस अवसर पर सभी मैस में ‘बड़ा खाना’ एवं विभिन्न सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सीआरपीएफ महानिदेशक ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी अधिकारियों और कार्मिकों को उनके परिवार सहित शुभकामनाएं प्रेषित की।
इसी क्रम में, ग्रुप केंद्र नीमच एवं ज्ञानोदय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘महाराणा प्रताप भवन’ में भव्य ओपन मेगा ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चार श्रेणियों में आयोजित इस निरूशुल्क प्रतियोगिता में 150 से अधिक बच्चों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के अंत में प्रत्येक श्रेणी के शीर्ष तीन विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर ज्ञानोदय इंटरनेशनल स्कूल के प्रोफेसर पंकज श्रीवास्तव, शिक्षकगण, स्टाफ एवं ग्रुप केंद्र के अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल को प्रोत्साहित करने में सफल रहा।