रतलाम। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रतलाम जिले की टीबी यूनिटों (आलोट, रतलाम और बाजना) में निरीक्षण और वैलिडेशन (सत्यापन) कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य टीबी मरीजों को मिल रहे उपचार की गुणवत्ता जांचना और डेटा का सटीक सत्यापन सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम का नेतृत्व विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कंसल्टेंट डॉ. संकल्प राज चौधरी, डॉ. धुर्वेंद्र पांडे और जिला क्षय अधिकारी डॉ. अभिषेक अरोरा ने किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों के निदान और पूरे उपचार रिकॉर्ड की जांच की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि मरीजों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार दवाइयां मिल रही हैं और वे नियमित रूप से उनका सेवन कर रहे हैं।
जिला क्षय अधिकारी डॉ. अभिषेक अरोरा ने बताया कि ऑन-फील्ड वैलिडेशन अत्यंत आवश्यक है। डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट के प्रत्यक्ष निरीक्षण से डेटा की शुद्धता के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता है।
कार्यक्रम में समन्वयक जय सिसोदिया, वरिष्ठ ट्रीटमेंट सुपरवाइजर राहुल पाटीदार, घनश्याम परमार, शैलेंद्र भूरिया, ग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने ऑनलाइन और फिजिकल डेटा मिलान कर मरीजों और उनके परिजनों को पोषण और नियमित जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया।
निरीक्षण दल ने निष्कर्ष में बताया कि यह वैलिडेशन रतलाम जिले की टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। यह सुनिश्चित करता है कि स्वास्थ्य सुविधाएं अंतिम छोर पर बैठे मरीज तक भी पूरी गुणवत्ता के साथ पहुंच रही हैं, जिसमें नि-क्षय पोषण योजना, उपचार के दौरान फॉलोअप जांच और टीबी रोगी के परिवार की नियमित जाँच शामिल है।