शाहपुरा। विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर बाल पर्यावरण योद्धा श्रेया कुमावत द्वारा गौरैया संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। “ग्रीन लिटिल बेबी” के नाम से पहचानी जाने वाली श्रेया, जो बी.आर. फाउंडेशन मध्य प्रदेश की ब्रांड एंबेसडर हैं, ने बच्चों के साथ मिलकर पक्षियों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने हाथों से पक्षीघर (बर्ड हाउस), परिंडे और दाना रखने के फीडर तैयार किए। इन फीडर को प्लास्टिक की बोतलों के पुनः उपयोग से बनाया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इस पहल के माध्यम से बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत हुआ।
श्रेया कुमावत ने कहा कि गौरैया, जो कभी हर घर-आंगन में दिखाई देती थी, आज धीरे-धीरे कम होती जा रही है। पेड़ों की कटाई, शहरीकरण, प्रदूषण और मोबाइल टावरों का प्रभाव इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि गर्मी के मौसम में घरों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें और छोटे-छोटे प्रयासों से गौरैया को बचाने में सहयोग दें।
इस अवसर पर बी.आर. फाउंडेशन के संस्थापक कृष्ण परिहार ने भी अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को पक्षीघर, फीडर और परिंडे वितरित किए गए तथा सभी ने गौरैया संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि - “जब हर घर बनेगा गौरैया का घर, तब फिर से गूंजेगी चहचहाहट हर डगर।”