मंदसौर। मध्यप्रदेश की जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग), जिला मंदसौर, ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत प्राचीन जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए आज जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक सात सहेलियों की बावड़ी पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया।
परिषद की जिला समन्वयक तृप्ति वैरागी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत बावड़ी की पूजा-अर्चना के साथ हुई। स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर बावड़ी परिसर में जमी गंदगी और झाड़ियों की सफाई की। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विनय दुबेला ने उपस्थित जनसमूह को जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और उनके संरक्षण की शपथ दिलवाई।
विकासखंड समन्वयक अर्चना भट्ट एवं अन्य वक्ताओं ने जल संरक्षण के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन जल संरचनाओं को बचाना भविष्य की पीढ़ी के लिए अनिवार्य है। सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण का संकल्प लिया।
यह अभियान 30 जून 2026 तक जिले में निरंतर संचालित किया जाएगा। इसके तहत ग्राम और नगर में प्रभात फेरी, कलश यात्रा, भूमि पूजन, वृक्ष पूजन, जलस्रोत पूजन, मानस पाठ, भजन संध्या, दीपमाला, संकीर्तन आरती और जल मंदिर स्थापना जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उक्त कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक नारायण सिंह निनामा, मुकेश सोलंकी, अर्चना रामावत, दशरथनायक, परामर्शदाता रघुवीर सिंह राठौड़, संदीप शर्मा, अनिल सुमन, नवांकुर संस्था प्रियदर्शन सामाजिक सेवा समिति से दिनेश सोलंकी, नगर प्रस्फुटन समिति से विनोद मेहता, हरीश सालवी, संतोष सालवी, आशीष गोड़, सामाजिक कार्यकर्ता महेश दुबे, अंकित पालीवाल, निधि पारीक, सीएम इंटर्न संगीता कुंवर, ज्योति व्यास, महिपाल पाटीदार विशेष रूप से उपस्थित रहे।