मंदसौर। जिले में जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को एक ओर जन अभियान परिषद के माध्यम से ग्राम लुनाहेड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद पिपलिया मंडी द्वारा तलाई क्षेत्र में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
जन अभियान परिषद के अंतर्गत नवांकुर संस्था प्रीतम शिक्षा एवं समाज कल्याण सेवा समिति द्वारा ग्राम लुनाहेड़ा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों एवं समिति सदस्यों ने गिरते हुए भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए वर्षा जल संचयन, जल के समुचित उपयोग तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े स्तर पर जल बचाया जा सकता है।
इस दौरान कुओं, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई एवं पुनर्जीवन के महत्व पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने जल को अमृत मानते हुए उसके संरक्षण के लिए सामूहिक शपथ ली।
इसी अभियान के तहत नगर परिषद पिपलिया मंडी द्वारा तलाई क्षेत्र में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण करना और जल स्तर में वृद्धि सुनिश्चित करना था। नगर परिषद के कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर तलाई में जमा गंदगी और कचरे को हटाया तथा जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाते हुए जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया। दोनों अभियानों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है।
कार्यक्रम का समापन “जल है तो कल है” के प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने हेतु इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।