गुना। नेशनल हाईवे-46 पर करीब एक करोड़ रुपये की नकद राशि पकड़े जाने और कथित ‘डील’ कर छोड़ने के मामले ने प्रदेश की राजनीति और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है और गुना के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रशासनिक शिथिलता और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच के लिए ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने रूठियाई चौकी और धरनावदा थाने पहुंचकर पूरे मामले की गहन पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें धरनावदा थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे, रूठियाई चौकी प्रभारी एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि यह मामला नेशनल हाईवे-46 पर गुजरात पासिंग स्कॉर्पियो को रोकने से शुरू हुआ था, जिसमें करीब एक करोड़ रुपये बरामद हुए थे। आरोप है कि नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने करीब 20 लाख रुपये लेकर मामला रफा-दफा कर दिया।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उस व्यापारी की तलाश की जा रही है, जिससे कथित ‘सेटलमेंट’ किया गया था।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में न केवल निचले स्तर के कर्मचारियों, बल्कि जिले के शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।