चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं मानसिंह चूंडावत अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुनील कुमार गोयल द्वारा रा.उ.मा.वि. सेंथी, चित्तौड़गढ में राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर की ओर से चल रहे आउटरीच/प्लेसमेंट ड्राइव 2026 व्यावसायिक शिक्षा अंतर्गत जिला स्तरीय रोजगार मेले के दौरान विधिक जागरूकता शिविऱ का आयोजन किया गया।
प्राधिकरण सचिव द्वारा ‘‘रोजगार के साथ-साथ अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहना भी जरूरी’’ कहकर संबोधित किया एवं मुख्य वक्ता के रूप में युवाओं को उनके विधिक अधिकारों और कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक किया। जिला स्तरीय रोजगार मेले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ द्वारा एक विशेष हेल्प-डेस्क/स्टाल लगाया गया, जहां आने वाले अभ्यर्थियों को श्रम कानून, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम और निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं के पंपलेट वितरित किए गए। युवाओं को संबोधित करते हुए सचिव महोदय ने कहा कि ‘‘युवाओं को केवल नौकरी के अवसरों की ही नहीं, बल्कि रोजगार से जुडे अपने कानूनी अधिकारों की भी जानकारी होनी चाहिए। कार्यस्थल पर शोषण के विरूद्ध आवाज उठाना और सुरक्षित वातावरण की मांग करना उनका संवैधानिक अधिकार है।
इस दौरान दिनांक 22.03.2026 को मनाए गए ‘‘विश्व जल दिवस’’ के उपलक्ष्य में सचिव महोदय ने उपस्थित जन को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के तहत स्वच्छ पेयजल प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। सचिव महोदय ने जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। बताया कि जल स्रोतों को दूषित करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है। इस दौरान पैनल अधिवक्ता श्रीमती भारती गहलोत एवं अधिवक्ता आयुषी गहलोत द्वारा भी उपस्थित जन को विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में संपूर्ण जानकारी साझा व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रिंसिपल राकेश व्यास द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उक्त कार्यक्रम में व्याख्याता कल्पना गहलोत, वोकेशनल पीओ कृष्णकांत सोनी, एडीपीसी योगेश अडानिया एवं प्रोग्राम ऑफिसर नागिज अहमद उपस्थित रहे।