शाजापुर। जिला अभियोजन संचालनालय शाजापुर द्वारा पॉस्को एक्ट, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, डिजिटल एवं साइबर फॉरेंसिक साइंस विषय पर 22 मार्च 2026 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर ऋजु बाफना एवं विशेष अतिथि पुलिस अधीक्षक यशपालसिंह राजपूत उपस्थित थे। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय, प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन प्रदीप भटेले, एडीपीओ प्रतीक श्रीवास्तव सहित जिला शाजापुर एवं आगर के अभियोजन अधिकारी, पुलिस अधिकारी, महिला पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारीगण, चिकित्सक, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यशाला में जिले की महिला पुलिस अधिकारी, उप निरीक्षक, सूबेदार, प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक स्तर के अधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से प्रारंभ होकर शाम 4ः30 बजे तक आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि कलेक्टर बाफना ने अपने संबोधन में महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों, विशेषकर पॉस्को एक्ट से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता, तत्परता एवं गंभीरता के साथ कार्य करने के संबंध में बताया।
विशेष अतिथि पुलिस अधीक्षक राजपूत एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालवीय ने भी प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए जागरूकता बनाए रखने की आवश्यकता बताई। साइबर एक्सपर्ट मेहुल दुबे ने साइबर अपराधों की प्रकृति, उनके बढ़ते स्वरूप एवं उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी तथा डिजिटल साक्ष्यों के महत्व और साइबर फॉरेंसिक तकनीकों पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन प्रदीप भटेले एवं एडीपीओ प्रतीक श्रीवास्तव द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों पुलिस अधिकारी, विद्यालयों के प्राचार्य, चिकित्सकगण एवं अभियोजन अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रभारी उपनिदेशक प्रदीप भटेले द्वारा प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन हेमेंद्र व्यास एवं एडीपीओ ममता पाराशर द्वारा किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर महिला एवं बाल अपराधों की प्रभावी रोकथाम तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।