BREAKING NEWS
BIG NEWS : नीमच में मानसून की बेरुखी, औसत बारिश से 19.. <<     KHABAR : आस्था के कदम, जयघोष के बीच निकली श्री.. <<     NEWS : विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों में जुटी.. <<     NEWS : राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) की जिला.. <<     KHABAR : 793वें सैनिक सम्मान में सेवानिवृत्त.. <<     आध्यात्मिक यात्रा पर निकले महंत योगी.. <<     BIG NEWS : डीएसटी और सदर थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई,.. <<     BIG REPORT : व्यापार की व्यस्तता छोड़ मैदान में उतरे.. <<     REPORT : 7 साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले की रतनगढ़ थाना पुलिस और.. <<     खरगोन में गूंजे 'बम-बम भोले' के जयकारे, हजारों.. <<     NEWS : राज्य व अंतरराज्यीय शूटिंग चैम्पियनशिप.. <<     BIG NEWS : नशे के सौदागर पर केंट पुलिस का बड़ा वार,.. <<     NEWS : सनातन संस्कृति का संदेश लेकर श्रीलंका.. <<     शाजापुर पुलिस का सख्त एक्शन, वाहनों से हटाए.. <<     BIG NEWS : नीमच में भाजपा मंडल बैठक में संगठन को धार,.. <<     BIG NEWS : टेंट कारोबारी के घर में घुसा मगरमच्छ,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 24, 2026, 4:23 pm
KHABAR : रतलाम में घोड़ी पर बैठकर कलेक्ट्रेट पहुंचा फरियादी, 15 किमी दूर से जनसुनवाई में आया, गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग, पढे़ खबर 

Share On:-

रतलाम। कलेक्ट्रेट में मंगलवार दोपहर जनसुनवाई के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब शिवपुर निवासी अरुण शर्मा 15 किलोमीटर दूर से घोड़ी पर बैठकर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।


अरुण ने गोचर (चारागाह) भूमि और गांव के कांकड़ से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। हालांकि, उनकी मुलाकात कलेक्टर से नहीं हो सकी और उन्होंने डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा को अपना आवेदन दिया। आवेदन सौंपने के बाद अरुण वापस अपनी घोड़ी पर बैठकर रवाना हो गए।अरुण शर्मा ने अपने आवेदन में बताया कि रतलाम के सभी गांवों में जानवर, जीव-जंतु और पशु-पक्षियों के लिए जो सरकारी भूमि हुआ करती थी, उस पर अब लोगों ने कब्जा कर लिया है।


इस कब्जे के कारण आज जानवरों के रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है और हालात यह हैं कि किसानों को जानवर दुश्मन लगने लगे हैं।


क्या धरती पर इंसान का ही हक है, जानवरों को अधिकार नहीं
अरुण ने अपनी व्यथा जताते हुए ज्ञापन में लिखा कि, जानवरों की अब यह व्यथा है कि वह जाए तो कहा जाए, रहे तो कहा रहे। कोई इधर से भगाता है तो कोई उधर से भगाता है।


उन्होंने आगे लिखा, ष्आधे से अधिक जानवर खत्म हो चुके है और यहीं हालात रहे तो कोई जीव-जन्तु नहीं बचेगा। जानवरों के पैर रखने की दूर की बात सांस लेने के लिए भी कोई जगह नहीं बची है। क्या धरती पर इंसान का ही हक है। जानवरों को जीने का अधिकार नहीं है, क्या हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।


सीएम से की अतिक्रमण हटाने की मांग, दी चेतावनी
शिकायत में अरुण ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस गंभीर समस्या के निराकरण के लिए उचित कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी लिखा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में प्रकृति अपना रंग दिखाएगी और जो संकट आज जानवरों पर है, वह पूरी मानव प्रजाति पर आएगा।


अरुण ने लिखा, समस्त चारागाह एवं कांकड़ की भूमियों पर अवैध कब्जा कर रखा है उसे कब्जे से मुक्त कराए। अन्यथा प्रकृति के साथ खिलवाड़ एवं जानवरों पर अत्याचार करने के लिए सभी होने वाले परिणामों के लिए तैयार रहे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE