प्रतापगढ़। सैनिक विश्राम गृह के निर्माण कार्य के रुकने के बाद जिले के गौरव सेनानियों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कलेक्टर से निवेदन किया कि निर्माण कार्य को पुनः शुरू करने का आदेश दिया जाए। यह भूमि दीपनाथ तालाब के किनारे, मुक्तिधाम के बाईं ओर और तालाबखेड़ा गांव की ओर जाने वाली सड़क के दाईं ओर स्थित है।
यह जमीन तत्कालीन जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के आदेशानुसार जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, उदयपुर, राजस्थान सरकार के अधीन सैनिक विश्राम गृह के लिए आवंटित की गई थी। आराजी नंबर 2982/279, 0.22 हेक्टेयर भूमि को जिला परिषद के माध्यम से नगर परिषद को सौंपा गया था। हाल ही में इस पर चल रहे निर्माण कार्य को रोक दिया गया था।
धरोहर बचाओ संघर्ष समिति के दावे का खंडन
भूतपूर्व सैनिक संघ (गौरव सेनानी संघ) के जिलाध्यक्ष एक्स सार्जेंट अरुण कुमार वोरा और संरक्षक कर्नल जयराज ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कथित ष्धरोहर बचाओ संघर्ष समिति ने 19 मार्च, 2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर गलत तथ्य प्रस्तुत किए थे। समिति का दावा था कि आवंटित भूमि पर तालाब का जल स्रोत है। गौरव सेनानियों ने इस दावे का खंडन किया और स्पष्ट किया कि तालाब में बरसाती पानी बड़े नाले और सर्किट हाउस की ओर से आता है।
ज्ञापन में गौरव सेनानियों ने बताया कि जिला मुख्यालय पर सैनिक विश्राम गृह और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के अस्तित्व से जिले की युवा पीढ़ी को सेना भर्ती और संबंधित मार्गदर्शन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने रुके हुए निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ करने का आदेश देने की सिफारिश की।