देवास। शहर में बिगड़ती पेयजल व्यवस्था और बढ़ते टैक्सों के विरोध में कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया। सैंया जी द्वार से निकले पैदल मार्च ने शहर की सड़कों पर जनाक्रोश की तस्वीर पेश की। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नगर निगम कार्यालय पहुंचे और वहां घेराव कर प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनीष चौधरी ने सीधे आरोप लगाए कि देवास के 45 वार्डों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे लोगों की सेहत खतरे में है। उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद निगम के जिम्मेदार मौन हैं।
इसी दौरान उन्होंने समधडिया बिल्डर्स पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि “पूरा देवास बेच दिया गया है, जिसके कारण शहर का संतुलित विकास रुक गया है।” उन्होंने चेतावनी दी कि देवास को इंदौर के पुराने हालात बनने से बचाना है तो तुरंत सुधार करना होगा।
वहीं शहर अध्यक्ष प्रयास गौतम ने निगम परिषद पर कांग्रेस की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ जलकर, संपत्ति कर और कचरा शुल्क में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है, दूसरी ओर शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं हो रहीं। “जनता से वसूली और सुविधाओं में लापरवाहीकृयह दोहरा खेल अब नहीं चलेगा,” उन्होंने तीखे अंदाज में कहा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। इसके बाद उपायुक्त को 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और बढ़े हुए टैक्सों में तत्काल राहत की मांग प्रमुख रही।
कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।