रतलाम। मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह विभाग म.प्र. शासन के निर्देशानुसार जिला होमगार्ड कार्यालय उज्जैन में यूवा आपदा मित्र योजना के अन्तर्गत द्वितीय सत्र का 07 दिवसीय प्रशिक्षण एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) व युवा भारत के 165 प्रशिक्षणार्थीयों को होमगार्ड लाईन उज्जैन में दिनांक 23/03/2026 से आयोजित किया जा रहा है। जिसके प्रथम दिवस पर स्वयंसेवकों का रजिस्ट्रेशन किया गया। प्रशिक्षण के शुभारंभ कार्यक्रम में जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सादर उपस्थित हुये, जिनका स्वागत डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट होमगार्ड उज्जैन संतोष कुमार जाट ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
07 दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण का शुभांरभ आज दिनांक 24/03/2026 जिला कलेक्टर उज्जैन रोशन कुमार सिह मुख्यअतिथि के दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्यअतिथि कलेक्टर रोशन कुमार सिह ने आपदा मित्रों को संबोधित करते हुये कहा कि ष् प्रशिक्षित आपदा मित्रों की आगामी सिंहस्थ-2028 में कानून एवं घाट व्यवस्था डियूटी में आवश्यकता होगी एवं मुझे उम्मीद है कि सिंहस्थ कार्यों का सफल बनाने में आपदा मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, साथ ही यह भी कहा कि यदि आपके समक्ष कोई रोड दुर्घटना होती है तो घायल व्यक्ति को एक मित्र की भांति अस्पताल पहुंचने में मद्द करें। आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है, आपदा मित्र में महिला सदस्य भी बड़ चड़ कर भाग ले रहीं हैं, जो कि अत्यंत प्रशंसनिय है।
ष्जिला कलेक्टर द्वारा इस अवसर पर होमगार्ड विभाग के द्वारा रामघाट पर किये जा रहे बचाव कार्यों की प्रशंसा करते हुये कहा कि होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के सैनिक, देश दुनिया से रामघाट पर स्नान करने आये लोगों की स्नान के दौरान दुर्घटना के समय जान बचाते हैं। यह होमगार्ड के द्वारा की जाने वाली मानवता की सेवा है, इसके लिये होमगार्ड विभाग प्रशंसा व बधाई का पात्र है।ष् इसके पश्चात मुख्यअतिथि द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन किट प्रदाय की गई।
इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट संतोष कुमार जाट ने बताया, कि केन्द्र की युवा आपदा मित्र योजना के तहत प्रथम सत्र में 165 युवा आपदा मित्रों को विभिन्न आपदाओं से निपटने के लिये तैयार किया गया है। यह इस प्रशिक्षण श्रंखला का द्वितीय सत्र है। जिसमें 165 युवा आपदा मित्रों को प्राकृतिक, मानवजनित आपदाओं के दौरान बचाव के बारे में 07 दिवस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण अवधि में आपदा मित्रों को बाढ, भूकंप, भू-स्खलन, आगजनी सहित भगदड जैसी घटनाओं को रोकने की सिखलाई जिले के कुशल प्रशिक्षकों द्वारा दी जा रही है। इन आपदा मित्रों को आगामी अनिश्चित आपदाओं से निपटने के लिये मानसिक रूप से भी तैयार किया जा रहा है। इसी प्रकार निर्धारित लक्ष्य अनुसार 800 यूवा आपदा मित्र वॉलेन्टियर्स को प्रशिक्षित कर तैयार किया जाना है। जो आगामी सिंहस्थ-2028 एवं जिले में आने वाली आपदाओं में मददगार होगें।