चित्तौड़गढ़। आमजन को जागरूक कर ही टीबी मुक्त भारत का सपना साकार किया जा सकता है। टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित दवा लें। सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और जनजागरूकता ही इससे लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है। यह बात विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने मंगलवार को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पोस्टर का विमोचन करते हुए कही।
उन्होंने उपस्थित क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति समाज में अभी भी जागरूकता की कमी है, जिसके कारण कई मरीज समय पर उपचार नहीं ले पाते। यदि हर व्यक्ति इस बीमारी के लक्षणों को पहचान कर तुरंत जांच कराए और नियमित उपचार ले, तो टीबी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. राकेश भटनागर ने बताया कि विश्व क्षय दिवस के अवसर पर अभियान के दूसरे चरण में 100 दिवसीय कार्ययोजना बनाई गई है। इस योजना के तहत विभिन्न स्थानों पर आयुष्मान शिविर आयोजित कर छिपे हुए टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी और उनका निःशुल्क उपचार कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों की जांच कर समय पर इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम में डॉ. मानवेन्द्र, समन्वयक अमित प्रजापत, चंदेरिया नगर मंडल अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़, राजन माली, पूर्व पार्षद बालकिशन भोई, रामप्रसाद सुखवाल, पीनू मेनारिया, रामप्रसाद बगेरवाल, मुकेश काबरा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।