चित्तौड़गढ़। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव की आशंका को देखते हुए चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। लू-तापघात से बचाव एवं उपचार की तैयारियों को लेकर जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि तापमान में लगातार वृद्धि के कारण लू लगने और तापघात के मामलों की संभावना बढ़ गई है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में वाटर कूलर, कूलर, पंखे एवं एयर कंडीशनर को सुचारु रूप से चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था करने के साथ-साथ पीने के ठंडे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। हाई-रिस्क क्षेत्रों में अतिरिक्त चिकित्सा टीमों की तैनाती तथा जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
सभी चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों, उपकरणों एवं ओआरएस पैकेट की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है। मनरेगा कार्यस्थलों पर कार्य कर रहे श्रमिकों के लिए भी ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को दिए गए हैं।
प्रशिक्षण एवं आमुखीकरण के निर्देश
डॉ. गुप्ता ने बताया कि सभी चिकित्सा अधिकारी अपने अधीनस्थ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मचारियों तथा आशा सहयोगियों को लू-तापघात से बचाव और उपचार के ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपचार दिया जा सके।
अस्पतालों में बेड आरक्षित
लू-तापघात से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विभिन्न स्तर के चिकित्सा संस्थानों में विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं।
जिला चिकित्सालय – 10 बेड
उपजिला चिकित्सालय – 8 बेड
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – 5 बेड
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र – 2 बेड
अधिकारी करेंगे निरीक्षण
अगले 7 दिनों में जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर लू-तापघात से संबंधित तैयारियों की समीक्षा करेंगे और रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
नियंत्रण कक्ष स्थापित
लू-तापघात की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नंबर 01472-245813 जारी किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहकर मॉनिटरिंग करेगा।