देवास। जिले के कांटाफोड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोदना में बालिकाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया गया। महिला सुरक्षा को केंद्र में रखकर आयोजित बालिका जागरूकता शिविर ने गांव की बेटियों में नया आत्मविश्वास भर दिया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन एवं एसडीओपी बागली संजय सिंह बेस के निर्देशन में संपन्न हुआ।
शिविर में सिर्फ बातें नहीं हुईं, बल्कि जमीन पर सुरक्षा का असली पाठ पढ़ाया गया। बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए, उन्हें बताया गया कि अब वे सिर्फ “संरक्षण की जरूरत” नहीं, बल्कि “अपनी सुरक्षा खुद करने की ताकत” बन सकती हैं। महिला संबंधी कानूनों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने साफ संदेश दियाकृअन्याय सहना भी अपराध है।
साइबर अपराध जैसे बढ़ते खतरे पर भी पुलिस ने खुलकर चर्चा की। सोशल मीडिया के जाल, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल शोषण से कैसे बचना है, इसकी बारीक जानकारी दी गई। साथ ही हेल्पलाइन नंबरों और आपातकालीन सहायता के तरीकों को भी विस्तार से समझाया गया, ताकि संकट की घड़ी में कोई भी बेटी अकेली महसूस न करे।
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली हिस्सा रहा कैलाश यादव और सूरज गुर्जर की टीम द्वारा आत्मरक्षा तकनीकों का लाइव डेमो। हर एक दांव-पेंच ने बालिकाओं को यह अहसास कराया कि हिम्मत और सही तकनीक से किसी भी खतरे का सामना किया जा सकता है।
इस अवसर पर थाना प्रभारी के.एस. परस्ते, प्रधान आरक्षक रामबीर सिंह सोलंकी, सुनील कुमार सहित पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। सभी अधिकारियों ने एक स्वर में कहाकृ“अब समय बदल चुका है, महिलाएं अब कमजोर नहीं, बल्कि समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।
गांव के जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और बड़ी संख्या में बालिकाओं की उपस्थिति ने इस शिविर को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक चेतना थीकृजो हर बेटी के मन में यह विश्वास जगा गई कि अब वह हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।