भोपाल। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा लेने का सपना देख रहे हजारों छात्र-छात्राओं के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। लोकसभा में पेश की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 10 हजार 181 छात्रों के एजुकेशन लोन के आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं।
पिछले 3 वर्षों में कुल 22,728 छात्र-छात्राओं ने शिक्षा ऋण के लिए आवेदन किया। इनमें से 10,181 आवेदन विभिन्न कारणों से खारिज कर दिए गए। यानी लगभग 50 प्रतिशत आवेदनों को निरस्त किया गया। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के छात्रों समेत अन्य वर्ग के विद्यार्थी भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न एजुकेशन लोन योजनाओं के तहत आवेदन करने के बावजूद इन छात्रों के हाथ खाली रह गए हैं।
पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा का बयान
कांग्रेस के पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, उच्च शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है। छात्र परेशान हो रहे हैं। अगर उच्च शिक्षा नहीं मिलेगी तो इनका भविष्य क्या होगा? सरकार को तत्काल इस पर ध्यान देना चाहिए। इतने सारे लोन प्रकरण क्यों नहीं स्वीकृत हुए? इसमें भ्रष्टाचार का मामला जरूर सामने आएगा। इसकी जांच होनी चाहिए।