नीमच। किलेश्वर रोड पर मंगलवार को नगर पालिका द्वारा की गई अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई उस समय विवादों में आ गई, जब कार्रवाई के दौरान महेश ठाकुर का पिज़्ज़ा काउंटर हटाए जाने से नाराज होकर वे अपने परिजनों और आदिवासी संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ नगर पालिका कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाने में पक्षपात किया और केवल महेश ठाकुर के काउंटर को ही हटाया गया, जबकि आसपास के अन्य अतिक्रमणों को अनदेखा किया गया। साथ ही कार्रवाई के दौरान अधिकारियों पर दादागिरी करने और गुमटी नहीं हटाने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप भी लगाए गए।
धरने पर बैठे महेश ठाकुर और जयस के कार्यकर्ताओं ने बताया कि गुमटी हटाने के दौरान उसमें भारी टूट-फूट हुई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने नगर पालिका से नुकसान की भरपाई की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने पर नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिकायतों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से की जा रही है। रिश्वत मांगने के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका के मुख्य प्रवेश मार्ग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया और कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
फिलहाल इस मामले में पुलिस, नगर पालिका और प्रदर्शनकारियों के बीच चर्चा जारी है।