मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन और भस्म आरती के लिए उमड़ने वाली लाखों की भीड़ और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए राज्यसभा सांसद बालयोगी डॉ. उमेशनाथ महाराज ने सदन में सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस तरह श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, वहां अब केंद्रीय स्तर की सुरक्षा और आधुनिक तकनीक की सख्त आवश्यकता है।
धरोहरों का पुनरुद्धार और सुरक्षा की चुनौती
सांसद डॉ. उमेशनाथ महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित और पुनर्जीवित करने का जो काम पिछले 100 साल में नहीं हुआ, वह अब हो रहा है। उन्होंने उज्जैन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा उज्जैन में प्रतिदिन लगभग 5 लाख लोग भस्म आरती, शिप्रा तट और सिद्धवट जैसे तीर्थों पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भगवान महाकाल की विशेष भस्म आरती में शामिल होने के लिए देश-दुनिया से लाखों लोग आते हैं, जिनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।
सिंहस्थ 2028 को लेकर चिंता
उमेशनाथ महाराज ने कहा आगामी कुंभ मेले में करीब 15 से 16 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। जैसे-जैसे हम महापर्व की ओर बढ़ रहे हैं, सुरक्षा की चिंता भी बढ़ रही है।
CISF, AI और ड्रोन सर्विलांस
महाराज ने सरकार से अनुरोध किया है कि वर्तमान की मिश्रित सुरक्षा व्यवस्था (निजी गार्ड, स्थानीय पुलिस और होमगार्ड) के स्थान पर अब अधिक पेशेवर दृष्टिकोण की जरूरत है। उन्होंने राज्यसभा में सरकार से यह मांगें कीं